Diwali 2018 : दीपावली क्यो मनाई जाती है । Happy Diwali 2018

Happy Diwali 2018, दिवाली 2018 date, 2018 में दीपावली कब है, दीपावली पूजा कब है- Happy Diwali दोस्तों जैसा की आप लोगों को पता है कि दीपावली आने ही वाली है अगर हम बात करें तो कैलेण्डर के हिसाब से दीवाली 7 तारीख को दिन बुधवार को है। तो लोग बहुत ही उत्साहित हो रहे हैं वो अपने घर को साफ कर रहे है और सजावट की भी तैयारी कर रहे हैं तो दीपावली खुशी का पर्व है जिसे पूरा भारत बडे़ धूम- धाम से मनाएगा तो आज हम आप लोगों के लिए दीपावली 2018 से सम्बन्धित पूरी जानकारी लेकर आए है तो आप इसे जरूर पूरा पढ़ें।

Happy Diwali 2018

Diwali 2018

आईए जानते हैं कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा श्री राम अपने 14 वर्ष के वनवास के बाद लैटे थे अयोध्या वासियो का हृदय अपने प्राणों से अधिक प्यारे भगवान राम के आगमन से उल्लसित था। श्री राम के स्वागत में अयोध्या वासियों ने घी के दीपक जलाए कार्तिक मास की आमावश्या की रात्री दियो की रोशनी से जगमगा उठी तब से आज तक भारतीय यह प्रकाश का पर्व हर्ष एवं उल्लास से मनाते हैं। दीवाली 7 तारीख दिन बुधवार को मनाई जाएगी इस दिन लोग आपने घरों को दियो और लाइटों से सजा देगें और बड़े धूम धाम से दीवाली का पर्व मनाया जाएगा।

Diwali 2018 Date

अयोध्या वासियों का भगवान के प्रति प्रेम इस विषय पर चर्चा करना होगा क्योकि यह आधार है दीपावली मनाने का तो अयोध्या मे जिस दिन राम आने वाले थे वो 14 वर्ष पूरे होने मे एक दिन बचा था। उस दिन अयोध्या के प्रजा को यकीन था कि मेरे राम आएगें। और वो पैदल चलकर आ रहे होंगे तो क्या पता मेरे घर पर रूक जाएं इसलिए अयोध्या की प्रजा ने घर की साफ- सफाई की ताकी मेरे स्वामी मेरे प्रिय राम मेरे घर मे निवास करेगें तो घर गन्दा रहेगा।

तो उनको अच्छा नहीं लगेगा इस प्रेम भाव से प्रजा ने घर को साफ किया वह रात्री काली आमावश्या की थी। इस लिए दीपक की लाइन लगा दिया अयोध्या वासियों ने एक दो दस नही बल्की इतने दीपक जलाए कि पूरे अयोध्या में उजाला ही उजाला था ताकी मेरे राम को रात्री का आभास न हो इतने प्यार से सभी कार्य को अयोध्या वासियों ने किया धा।

Diwali दीपावली 2018 Kaise Manae

राम जी ने हनुमान जी से कहा कि भरत को बता दो कि मै आ रहा हूँ चूँँकि राम साँय काल के वक्त पहुँचे भरत के पास और फिर उनकी माता प्रजा जन से मिलने मे रात्री का समय हो गया अयोध्या वासियों ने रांम के लिए दीप जलाए जो वह काली रात्री थी। अमावस्या की रोशनी से जगमगा उठी इस प्रेमभाव से उन्होंने दीप जलाया और इस प्रेम भाव से दीप जलाया और भगवान श्री राम का स्मरण करना दीपवली मनाने  का कारण है।

Diwali दीपावली मनाने का उद्देश्य क्या है

जिस प्रकारअयोध्या वासियों ने अपने प्राणों से प्यारे प्रिय राम के लिए दीप जलाए उसी प्रकार राम को अपनै माता -पिता भाई सबकुछ मानकर उनसे प्रेम करना होगा। तुलसीदास जी बड़ा  सुन्दर लिखा है-

  • मोरे सबई एक तुम्ह स्वामी
  • दीनबंधु उर अंतरजामी ।।

भावार्थ ः- हे स्वामी हे दीनबन्धु हे सबके ह्रदय के अन्दर की जाने वाले मेरे तो वे सब कुछ केवल आप ही हैं। लक्ष्मण जी कहते हैं कि हम भी आपके साथ चलेंगे तो राम मना करते हैं। कि तुम मत चलना हमारे साथ तुम्हें यहाँ देख भाल करना है ये तुम्हारी माता हैं यह तुम्हारे पिता हैं तो तुरंत वहाँ पर लक्ष्मण जी जवाब देते हैं। कि मेरे तो सब कुछ माता पिता भाई बहन सब आप ही हैं मैं इनको नहीं माता पिता मानता लेकिन राम ने डाटा नहीं राम जानते थे कि लक्ष्मण  सहीं बोल रहे हैं।

वो आत्मा मैं परमात्मा हूँ आत्मा की आत्मा परमात्मा इस लिए राम को अपना सब कुछ मानकर उनसे प्रेम करना होगा। जिससे हमारे अन्दर प्रेम का दीपक जले और हमारे अन्दर जो प्रेम है उसे  हम प्रकट करें।

 Diwali (दीपावली) kyu manai jati hai

 दीपावली के दिन आमावस्या अंधेरा का प्रतीक जानकर दीप जलाना अर्थात दीप जलाना मन बुध्दी शस्त्रों वेंदो के ज्ञान के युक्त करके भगवान राम से प्रेम करना होगा और अंधकार माया का प्रतीक होता है। तो जो अंधकार हम लोगों के ऊपर हावी है उससे छुटकारा पाकर प्रकाश भगवान का लाभ लेना होगा। गोरांग प्रभू ने कहा है। कि श्री कृष्ण सूर्यसम माया है अन्धकार तो इस रात यहकालीरात है काली आमावस्या की रात है यह अंधकार का प्रतीक जानकर दीपक का प्रकाश अर्थात भगवान का लाभ लेना होगा।

उजाले का लाभ लेना होगा  इसलिए शास्त्रों वेदों द्रवारा मन को शुध्द करने की साधना बताई गई है। वैसे ही करें तब भीतर का अंधकार माया निकले और भगवान में अपने मन को जोड़कर उनसे प्रेम को प्राप्त करें तब हमारी दीपावली मनाने का उत्सव सम्पन्न हो।

तो दोस्तों कैसी लगी हमारी Diwali 2018 यह जानकारी आशा करता हूँ आप लोगों को काफी पसंद आई होगी तो आप इसे आपने मित्रों के साथ भी शेयर कर सकते है अगर आपको इससे सम्बन्धित जानकारी या अन्य जानकारी चाहिए तो नीचे दिए गए Comment Box के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।

दिवाली कब, क्यूँ और कैसे मनाई जाती है – सम्पूर्ण विधि ।। DIWALI CELEBRATION

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