Ghutno ke dard ka ilaj घुटनों के दर्द को कैसे ठीक करें

घुटनो का दर्द कैसे ठीक करें (Ghutne ka dard kaise thik kare), घुटने के दर्द को ठीक करने के उपाय(Ghutne ke dard ko thik karne ke upey), घुटने के दर्द का घरेलू इलाज (Ghutne ke dard ka gharelu ilaj) –  नमस्कार दोस्तों आज हम आपलोगों के लिए लेकर आए हैं, घुटनो की परेशानी का हल लोगों में घुटनों के दर्द की परेशानी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 30 से40 साल के आयु वर्ग के व्यक्ति हों या फिर 50 साल या इससे अधिक उम्र वाले बुजुर्ग। इस संदर्भ में महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों ही आयु वर्ग के लोग सही समय पर अपना इलाज नहीं कराते। इलाज सही समय पर कराना चाहिए और इलाज डॉक्टर के बिना सलाह के नहीं करना चाहिए।

घुटनों के दर्द के उपाय

घुटनों के दर्द का उपचार

  • एक ही जगह लगातार एक ही स्थिति में न बैठें।
  • चलते समय अपने पोस्चर का ध्यान दें। चलने के दौरान कंधे सीधे रखें।
  • हप्ते में 4 से 5 बार 30 मिनट सैर का लक्ष्य बनाएं।
  • घर के छोटे- छोटे काम पैदल जाकर पूरे करें।
  • वजन नियंत्रित रखें।
  • हडि्डयों की मजबूती के लिए दूध और उससे बने उत्पादों का सेवन करें।
  • विटामिन के, डी और सी के पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए संतरा, पालक, गोभी और टमाटर पर्याप्त मात्रा में लें।
  • हडि्डयों को मजबूत करने के लिए सुबह के वक्त कुछ समय के लिए सूरज की किरणों में बैठें।

Painkiller  पेेनकिलर के नुसकान

लोगों द्वारा इलाज में देरी करने से कई नुसकान होते हैं।दर्द कम करने के लिए लोगों द्वारा खुद ही पेनकिलर लेना अपने देश में एक बड़ी समस्या है। शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो, तो वे सबसे पहले खुद ही घर पर रखे पेनकिलर या केमिस्ट से पूछकर दर्द निवारक दवा ले लेते हैं। इससे कुछ समय के लिए दर्द तो कम हो जाता है, लेकिन यह कोइ स्थायी इलाज नही है। कई बार डॉक्टर के सलाह के बगैर पेनकिलर लेना शरीर को नुकसान पहुँचाना होता है। लगातार पेनकिलर लेने से लिवर या किडनी के साथ अन्य अंगो पर भी प्रतिकूल प्रभाव पडता है।

Ghutno ke dard theek kaise 30 dino me घुटनो के दर्द का रामाबाण ईलाज

घुटनो के दर्द को ठीक करे मात्र 30 दिनो मे ऐसे भ्रामक विज्ञापनों से बचें टेलीवीजन और अखबारों में कई तरह के तेलों से जुडे भ्रामक विज्ञापनटेलीकास्ट और प्रकाशित होते हैं। ऐसे विज्ञावनों मे अर्थराइटिस के इलाज के बारे में बताया जाता है, लेकिन तथ्य यह है कि अगर घुटने के कार्टिलेज घिसने लगते हैं, तो उन्हें दोबारा ठीक नही किया जा सकता, बस फिजियोथेरेपी ऐर जीवनशैली में बदलाव करके कार्टिलेज के घिसने की गति को कम किया जा सकता है। इन विज्ञापनों के चक्कर में पड़कर मरीज अपने घुटनों को खराब कर लेते हैं। जब आपके घुटनों मे बहुत ज्यादा दर्द रहने लगे और उनमें सुबह के समय सूजन महसूस हो, तो शीर्घ ही अॉर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट से सलाह लें।

घुटनों का दर्द का कारण

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, तो लोग घुटनों के दर्द को उम्र से जोड़ने लगते हैं। इसलिए वह डॉक्टर से सलाह लेने कि जरूरत ही नही समझते और जब बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि उन्हे रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कत होने लगती है तो वह डॉक्टर के पास जाते हैं। इसलिए अगर आपके घुटनों में दर्द होतो  उम्र के बारे में सोचे बगैर जल्द से जल्द डॉक्टर से परार्मश लें।

घुटने के दर्द का इलाज

सर्जरी है आखरी विकल्प डॉक्टर जोडो की समस्या से पीड़ित सभी लोगों को सर्जरी की सलाह नहीं देते हैं बल्कि मरीज की स्थिति देखकर ही सर्जरी का परामर्श दिया जाता है। वैसे भी आजकल  घुटनों के रिप्लेसमेंट में एडवांस तकनीकों ( खासतौर से मिनिमल इनवेसिव सर्जिकल प्रक्रियाओं ) ने घुटने कि सर्जरी से जुड़ी जटिलताओं को कम किया है।

समय रहते ठीक करें घुटनो के दर्द को

घुटनों के दर्द का देरी से इलाज कराने पर रीढ़ की हड्डी को भी क्षति पहुंच सकती है। दरअसल घुटनों कि दर्द की वजह से मरीज सही तरीके से चल नही पाते और लगातार गलत पोस्चर में चलने से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होने लगती है। इससे कूल्हों पर भी खराब असर पड़ता है। यही नहीं रोगी पर्याप्त रूप से चलने- फिरने में भी दिक्कत महसूस करता है।

तो दोस्तों कैसी लगी हमारी घुटनों के दर्द को ठीक कैसे करे पूरी जानकारी हिन्दी में आशा करता हूँ कि आपलोगों को काफी पसंद आई होगी और अगर आपको इससे सम्बन्धित जानकारी या अन्य कोई जानकारी चाहिए तो नीचे दिए गये Comment Box के माध्यम से आप हमें सूचना दे सकते हैं।

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