दीपावली निबंध (Diwali Essay in Hindi) दिवाली पर निबंध

Diwali Essay in Hindi, दीपावली निबंध हिंदी में, स्वच्छ दिवाली एस्से, दीपावली का निबंध हिंदी में, मेरा प्रिय त्योहार दिवाली पर निबंध हिंदी, दीपावली पर निबंध- नमस्कार दोस्तो जैसा कि आप लोगो को पता है कि हम आप लोग के लिए रोज कोई न कोई जानकारी लेकर आते है उसी प्रकार आज हम आप लोगो के लिए दीपावली पर निबंध हिन्दीं में लेकर आए है जो आप लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा तो आप लोग एक बार जरूर इसे पढ़ें क्योकि आपको निबंध से कुछ सीखने को भी मिल जाए जैसे पर्यावरण पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। आप लोग दीवाली का पर्व खुशी का त्योहार है और आप इस पर्व का भरपूर आनंद लें।

Essay on Diwali in Hindi

Diwali Essay

 परिचय

भारत त्योहारों की भूमि के रूप में जाने  जाने वाला महान देश है यह प्रसिद्ध और सबसे ज्यादा  मनाया जाने वाले त्योहारों  का पर्व भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। वैसे तो यह हिन्दुओं का पर्व है लेकिन आजकल इसे अन्य समुदाय के लोग भी मनाते है दीवाली को प्रकाश का पर्व भी कहा जाता है। दीवाली की रात घरों को दीपों और प्रकाश की लड़ियों से सजाया जाता है, माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और लोग एक दूसरे को बधाई देते है। दीपावली का त्योहार देश भर में और देश के बाहर हर साल मनाया जा रहा है। ये त्यौहार बुराई से सच्चाई की जीत का प्रतीक है यह हिन्दु कैलेैंडर द्वारा हर साल कातिक के महीने की अमावस्या पर मनाया जाता है। दिवाली के त्यौहार में पांच दिन का जश्न है जिसे आनंद और प्रसन्नता के साथ मनाया जाता है।

Diwali Essay in Hindi

दिवाली का पहला दिन धनतेरस के रूप में जाना जाता है दूसरे दिन नारका चतुर्दशी या छोटी दिवाली है तीसरी दिन मुख्य दीवाली या लक्ष्मी पूजा है चौथे दिन गोवर्धन पूचा है। और पांचवे दिन भैया द्विज है।दिवाली समारोह के पांच दिनों में से प्रत्येक का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वास है।दिवाली  त्यौहार पूरे देश का त्यौहार है। यह एकता का प्रतीक बन गया है भारत इस त्यौहार को हजारों सालों से मना रहा है लोग दियों की रोशनी , फूल और रंगोली से अपने घरों को सजाते है। इस दिन आतिशबाजी की जाती है। इस दिन लोग नए कपड़े खरीदते है, उपहार और मिठाइयाँ बाँटते है इस त्यौहार में लोग घरों के बाहर और आँगन में रंगोली बनाते है।

ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व

ऐसा माना जाता है कि दीवाली के दिन ही भगवान रामचंद्र चौदह वर्ष का वनवास काटने के बाद अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। अयोध्यावासियों ने पूरी अयोध्या नगरी को सजा कर उनका तहे दिल से स्वागत किया था। तब से यह पर्व रौशनी का प्रतीक माना जाता है यही कारण है कि इसे प्रकाश का महोत्सव कहा जाता है घरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है।

दीवाली की तैयारी

दीवाली की तैयारी कई दिन पहले ही शुरू हो जाती है लोग घरों और अन्य स्थानों की साफ – सफाई शुरू कर देते हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी जो धन की देवी है स्वच्छ स्थान पर ही आती है और रहती है बाजारों में भी दीवाली खी धूम साफ देखी जा सकती है। दुकान ग्राहकों से भरा रहता है लोग अपने और अपने परिवार के लिए नए कपड़े खरीदते है। मिठाई की दुकानों पर खासी भीड़ देखी जा सकती है। सोने के आभूषणों की बिक्री भी बढ़ जाती है। स्कूली बच्चों के लिए यह पर्व खुशियों की सौगात ले कर आता है उन्हें दीवाली की लम्बी छुट्टी मिलती है वे इन छुट्टियोें का भरपूर अानंद लेते है।

पर्यावरण को खतरा

दीवाली में पटाखों से इस्तेमाल खूब किया जाता है जैसा कि हम जानते है कि पटाखे रसायन से बने होते है। जब वह जलते है तब कई हानिकारक गैसें उत्पन्न होती है जो हमारे वातावरण को बुरी तरह प्रदूषित करती है। एक अनुमान के अनुसार दीवाली की रात बहुत बड़ी मात्रा में विशेली गैसें वायुमंडल में छोड़ दी जाती है। अंततः ये गैसें स्वास के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश कर हमें हानि पहुँचाते है।

निष्कर्ष

दीवाली प्रकाश का त्योहार है ध्वनि एवं प्रदूषण का नहीं हमें दीवाली को धूमधाम से मनाने का पूरा हक है। लेकिन उसे प्रदूषित करने का नहीं अगर पर्यावरण सुरक्षित है तभी हम सब इस धरती पर बचे रह  सकते है। तो आइए इस दीवाली को पटाखों से दूर रह कर प्रदूषण-मुक्त और यादगार बनाए।

तो दोस्तों कैसी लगी दीवाली पर निबंध यह जानकारी आशा करता हूँ। आप लोगों को काफी पसंद आई होगी तो आप इस पोस्ट को अपने मित्रों के साथ भी शेयर कर सकते हैं। अगर आपको इससे सम्बन्धित जानकारी या अन्य जानकारी चाहिए तो नीचे दिए गए Comment Box के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।

Deepawali निबंध diwali Essay in hindi whatsapp status about diwali

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!